
मोहन भागवत vs मायावती
डॉ भीमराव अंबेडकर के द्वारा बनाए गए संविधान के हिसाब से ही दलितों को बहुत पुराने समय से आरक्षण मिलता रहा है। इस आरक्षण के बदौलत ही पिछले कुछ सालों में दलित जाति ने बहुत तरक्की की है, लेकिन पिछले कुछ समय से दलितों को मिलने वाले आरक्षण का मुद्दा चर्चा का विषय रहा है। इसका विरोध भी हुआ और इसे हटाए जाने के लिए रैलियाँ भी निकाली गई। यह मुद्दा एक बार फिर से गरमाया हुआ है। इस बार टिप्पणी दलित आरक्षण पर किसी छोटे-मोटे नेता ने नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि आरक्षण विरोधियों और समर्थकों को आपस में बैठकर बात करनी चाहिए। read more

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